मंगलवार, 27 जुलाई 2010

क्या तिरंगे से भगवा रंग हटाएंगे ?

इन दिनों कुछ समाचार पत्र और दूरदर्शन चैनल ‘भगवा आतंक’ का राग गा रहे हैं। उनकी पीठ पर कौन है, यह किसी से छिपा नहीं है। इसके द्वारा वे सम्पूर्ण हिन्दू संस्कृति को ही अपमानित करना चाहते हैं। उनकी इच्छा है कि नयी पीढ़ी के मन में भगवे रंग के प्रति घृणा उत्पन्न हो जाए, जिससे वे मंदिर, गुरुद्वारे, मठ, संन्यासी आदि को देखते ही नाक-मुंह सिकोड़ने लगें।

पिछले रविवार को एक सज्जन अपने बच्चों को दिल्ली का एक सरकारी भवन दिखा रहे थे। वहां तिरंगा झंडा भी शान से फहरा रहा था। अचानक उनके आठ वर्षीय बच्चे ने पूछा - पापा, इस झंडे में सबसे ऊपर यह भगवा आतंक क्यों है ?

भगवे रंग को आतंक का प्रतीक सिद्ध करने को कटिबद्ध कांग्रेस सरकार और वाममार्गी बुद्धिजीवियों से मेरा एक ही प्रश्न है कि वे तिरंगे झंडे को इस भगवा आतंक से कब मुक्त कराएंगे; इसके लिए वे कोई अभियान क्यों नहीं चलाते ?

1 टिप्पणी: