गुरुवार, 22 जुलाई 2010

कांग्रेसी दंगे

हिन्दी समाचार जगत में गलत शब्दों का प्रयोग देखकर बहुत कष्ट होता है। 1984 में श्रीमती इंदिरा गांधी की निर्मम हत्या के बाद सरकारी शह पर देश में अनेक स्थानों पर कांग्रेसियों ने दंगे किये। कहते हैं कि अकेले दिल्ली में ही हजारों निरपराध सिखों की हत्या हुई। न्यायालयों की कछुआ चाल के कारण उन दंगों के किसी अपराधी को आज तक सजा नहीं हुई; पर इन कांग्रेसी दंगों को सिख दंगा कहकर उन लोगों के कटे पर नमक छिड़का जाता है, जिनके परिजन इनमें मारे गये।

यह ठीक है कि केन्द्र और कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। सरकारी विज्ञापन और सुविधाओं से मीडिया वाले उपकृत भी होते रहते हैं; पर कांग्रेसी दंगों को सिख दंगा कहना तो घोर अन्याय है। कुछ समाचार पत्र बीच का मार्ग निकालते हुए सिख विरोधी दंगा लिखते हैं। मेरा उनसे आग्रह है कि सच को सच लिखें, जो मीडिया का धर्म भी है। 22.7.10

1 टिप्पणी:

  1. नमस्कार ! विजय जी ! आपने मीडिया द्वारा प्रचारित एक महत्वपूर्ण झूठ की तरफ ध्यान आकर्षित किया है | आज के पहले इस बात पर कभी शयद ही गौर किया गया हो ! आपके अन्य आलेख को भी पढ़ा , काफी सारे ज्वलंत सत्य से सामना हुआ | हाँ , आपका एक आलेख " गाँधी नहीं थे सत्यग्रह के प्रणेता " हमें आह्वान के माध्यम से प्राप्त हुआ था जिसे हमने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है | ये रहा लिंक http://www.janokti.com/2010/07/10/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%95/

    आपसे आग्रह है की जनोक्ति.कॉम पर रजिस्टर कर अपने विचारों को हमारे पाठकों तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग सत्य का साक्षात्कार कर सकें !
    http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register

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